योजनाएं

शून्‍य प्रतिशत ब्‍याज दर पर अल्‍पकालीन कृषि ऋण

वर्ष 2012-13 से प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्‍यम से कृषकों को अल्‍पकालीन फसल ऋण (राशि रू.3.00 लाख तक) 0 (शून्‍य) प्रतिशत ब्‍याज दर पर उपलब्‍ध कराया जा रहा है। इस हेतु 11 प्रतिशत बेसरेट के आधार पर राज्‍य शासन द्वारा 6 प्रतिशत् ब्‍याज सहायता एवं शेष 5 प्रतिशत् (2+3) केन्‍द्र शासन द्वारा उपलब्‍ध करायी जा रही है।

वर्ष 2012-13 से कृषकों को शून्‍य प्रतिशत् ब्‍याज दर पर उपलब्‍ध कराये गये कृषकों की संख्‍या एवं अनुदान राशि का वर्षवार विवरण निम्‍नानुसार है :-

(संख्‍या लाखों में राशि करोड़ों में)

वर्ष लाभांवित किसानों की संख्‍या किसानों को प्रदत्‍त अनुदान की राशि राज्‍य शासन द्वारा निर्गमित राशि
2012-13 27.18 403.85 328.12
2013-14 28.22 494.58 328.27
2014-15 27.64 482.12 128.20
2015-16 26.31 438.60 871.97

वर्ष 2016-17 में 30 लाख कृषकों को राशि रू. 15000.00 करोड़ के फसल ऋण वितरण का लक्ष्‍य निर्धारित किया गया है जिसके विरूद्ध दिनांक 10.02.2017 तक राशि रू. 10549.55 करोड़ का ऋण वितरण किया जा चुका है।

मुख्‍यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना

राज्‍य शासन द्वारा लिये गये निर्णयानुसार मुख्‍यमंत्री कृषक सहकारी ऋण सहायता योजना में प्राथमिक कृषि सहकारी साख समितियों द्वारा रबी 2015-16 से अल्‍पा‍वधि फसल ऋण में वस्‍तु ऋण की राशि पर 10 प्रतिशतद्य अधिकतम रू.10000/- प्रति कृषक प्रतिवर्ष अनुदान देय है।

योजना अंतर्गत उन्‍हीं कृषकों को लाभ मिलेगा जिनक द्वारा प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों से लिये गये अल्‍पावधि ऋण में से नगद ऋण शत्- प्रतिशत् एवं वस्‍तु ऋण की 90 प्रतिशत् राशि की अदायगी ड्यू डेअ तक जमा की गई।

अनुदान वस्‍तु ऋण के 10 प्रतिशत् के आधार पर आंकलित कर खरीफ मौसम में वितरित (01 अप्रैल से 30 सितम्‍बर) ऋण का तृतीय त्रैमास एवं रबी (01 अक्‍टूबर से 31 मार्च) में वितरित ऋणों का आगामी वर्ष के प्रथम त्रैमास में अग्रिम प्रदान किया जावेगा।

रबी वर्ष 2015-16 योजनांतर्गत 6.12 लाख कृषकों को राशि रू. 88.48 करोड़ का लाभ उपलब्‍ध कराया गया है।

एकीकृत सहकारी विकास परियोजना -

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम नई दिल्ली द्वारा कृषि, उद्योग, प्रक्रिया, विपणन और उपभोक्ता क्षेत्रों में विकास के लिये योजनाऐं संचालित की जा रही है। इनमें वर्तमान में सबसे महत्वपूर्ण योजना एकीकृत सहकारी विकास परियोजना है। इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित मदों के लिये सहायता उपलब्ध कराई जा रही है:-

क्रमांक संस्थाओं के प्रकार उपलब्ध सहायता
01. प्राथमिक कृषि सहकारी संस्थायें बैकिंग काउंटर, गोदाम मरम्मत, नवीन गोदाम निर्माण, मार्जिन मनी।
02. विपणन समिति नवीन गोदाम, मार्किटयार्ड, ट्रक, टेंकर मार्जिन मनी, गोदाम मरम्मत
03. बगवानी हिस्सापूंजी
04. मत्स्य पालन हिस्सापूंजी, जाल किश्ती, बीज साईकिल
05. जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक बैंकिंग काउंटर, हिस्सापूंजी, लाॅकर
06. हाथकरघा (बुनकर) हिस्सापूंजी, गोदाम निर्माण, शोरूम, लूम्स एवं एसेसरीज
07. डेयरी हिस्सापूंजी, मिल्ककेन, दुग्ध संग्रह केन्द्र, पशुआहार, गोदाम
08. वनोपज, रेशम उदवहन, सिंचाई, परियोजना तथा महिला सोसायटीज अंशपूंजी एवं अन्य वित्तीय सहायता
09. मानव संसाधन विकास पी.आई.टी.कास्ट, प्रशिक्षण, प्रोत्साहन
10. औद्योगिक सहकारिता मार्जिन मनी

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, नई दिल्ली तथा राज्य शासन के सहयोग से पूर्ण हो चुकी 25 एकीकृत सहकारी विकास परियोजनाओं का विवरण निम्नानुसार है:-

(राशि लाखों में)

क्रमांक परियोजना शामिल जिले लागत
01. नरसिंहपुर नरसिंहपुर 748.30
02. रायसेन रायसेन 734.95
03. छिन्दवाड़ा छिन्दवाड़ा 1112.56
04. गुना गुना अशोक नगर, 794.87
05. रतलाम रतलाम 1225.95
06. जबलपुर जबलपुर, कटनी 1338.33
07. भिण्ड भिण्ड 1290.00
08. राजगढ़ राजगढ़ 1279.00
09. खरगौन खरगौन, बड़वानी 861.27
10. सीधी सीधी, सिंगरोली 509.98
11. सागर सागर 1600.00
12. सीहोर सीहोर 1727.40
13. उज्जैन उज्जैन 1675.20
14. विदिशा विदिशा 1246.16
15. झाबुआ झाबुआ, अलीराजपुर 1235.50
16. मंदसौर मंदसौर 1869.68
17. नीमच नीमच 918.05
18. इंदौर इंदौर 1906.78
19. बैतूल बैतूल 1660.25
20. टीकमगढ़ टीकमगढ़ 1130.74
21. खंडवा खंडवा 1311.21
22. बुरहानपुर बुरहानपुर 747.20
23. शहडोल शहडोल 682.92
24. उमरिया उमरिया 305.67
25. अनुपपुर अनुपपुर 406.62
योग 25 30 28318.59

वर्तमान में संचालित परियोजनाएं

(राशि लाखों में)

क्रमांक परियोजना शामिल जिले कार्यकाल लागत
01. शाजापुर शाजापुर, आगर वर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक 2857.10
02. रीवा रीवा वर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक 1213.56
03. बालाघाट बालाघाट वर्ष 2012-13 से 31.03.2017 तक 2119.05
04. होशंगाबाद होशंगाबाद वर्ष 2013-14 से 31.12.2017 तक 2857.59
05. हरदा हरदा वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 1502.98
06. सिवनी सिवनी वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 2362.24
07. भोपाल भोपाल वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 1445.65
08. देवास देवास वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 3419.95
09. शिवपुरी शिवपुरी वर्ष 2013-14 से 30.09.2017 तक 2862.02
10. धार धार वर्ष 2013-14 से 31.12.2017 तक 3996.50
11 ग्वालियर ग्वालियर वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 1749.29
12. छतरपुर छतरपुर वर्ष 2013-14 से 31.12.2018 तक 2500.60

निम्नानुसार 05 जिलों में परियोजनाएं प्रारंभ किये जाने हेतु परीक्षण समिति से डी.पी.आर.अनुमोदित।

क्रमांक जिला
01. मण्डला
02. मुरैना
03. पन्ना
04. सतना
05. श्योपुर

निम्नानुसार 03 जिलों में परियोजनाएं प्रारंभ किये जाने हेतु विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डी.पी.आर.) तैयार करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन

क्रमांक जिला
01. डिण्डोरी
02. दतिया
03. दमोह

सहकारी भण्डारण योजना 2012 (आर.के.व्ही.वाय.)

  1. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत 1000 मेट्रिक टन क्षमता के 200 गोदामों के निर्माण का लक्ष्य।
  2. योजनान्तर्गत भण्डारण क्षमता में वृद्धि प्रस्तावित 2 लाख मेट्रिक टन।
  3. योजनान्तर्गत सहकारी विभाग द्वारा शासकीय भूमि पर गोदाम निर्माण।
  4. वर्ष 2012-13 से 2015-16 तक राशि रू. 56.00 करोड़ आहरित।
  5. 90 स्थानों पर गोदाम निर्माण कार्य निर्माणाधीन, जिसके विरूद्ध 80 स्थानों पर गोदाम निर्माण कार्य पूर्ण।
  6. वर्ष 2015-16 हेतु 40 गोदाम निर्माण हेतु निविदा कार्य पूर्ण।
  7. वर्ष 2015-16 एवं 2016-17 के शेष रहे 70 गोदामों हेतु भूमि चयन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

भण्डारगृह निर्माण योजना 2012

सुदूर ग्रामीण अंचलों में कृषकों की सुविधा के उद्देश्य से भण्डारण क्षमता में वृद्धि के मद्देनजर राज्य शासन ने प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों में गोदाम निर्माण कराने का निर्णय लिया है। इस योजनान्तर्गत

  1. राज्य शासन द्वारा संस्थाओं को निःशुल्क भूमि उपलब्ध कराना। लगभग 1500 पैक्स/लेम्पस हेतु संबंधित जिला कलेक्टर द्वारा निःशुल्क भूमि आवंटित।
  2. आगामी 5 वर्षों में 500 मेट्रिक टन क्षमता के 300 गोदाम निर्माण से 1.50 लाख मेट्रिक टन भण्डारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य।
  3. राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम नई दिल्ली द्वारा गोदाम निर्माण लागत का 50 प्रतिशत ऋण तथा 20 प्रतिशत अनुदान एवं राज्य शासन द्वारा 30 प्रतिशत अनुदान।
  4. वर्ष 2012-13 एवं 2013-14 में प्रदेश की 120 समितियों हेतु राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम की स्वीकृति प्राप्त।
  5. निर्माण कार्य के लिये शासकीय बजट में वित्तीय वर्ष 2015-16 में राशि रू. 12.00 करोड़ का प्रावधान।
  6. निर्माणाधीन 120 गोदामों में से 66 गोदाम निर्माण कार्य पूर्ण। शेष प्रक्रियाधीन।
  7. तृतीय चरण हेतु भी 60 समितियों का चयन पूर्ण किया जाकर एन.सी.डी.सी.नई दिल्ली को राज्य शासन के माध्यम से प्रेषित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

विपणन सहकारी संस्थाओं का सुदृढीकरण

मध्यप्रदेश में 245 प्राथमिक विपणन सहकारी संस्थाऐं पंजीकृत हैं। इन संस्थाओं के सुदृढीकरण हेतु म.प्र. शासन द्वारा 3 वर्षीय योजना स्वीकृत की गई है जिसके अनुसार 3 वर्षों में 164 विपणन सहकारी संस्थाओं को अंशपूंजी व ऋण के रूप में रू. 12 लाख प्रति संस्था की दर पर कुल राशि रू.19.68 करोड़ की आर्थिक सहायता प्रदाय किया जाना है |

वर्ष 2014 - 15 में 25 संस्थाओं को राशि रू. 3.00 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जायेगी |