सवाल - जवाब

प्रश्न :- सहकारी संस्थाओं का पंजीयन किस प्रकार से होता है ?

उत्तर :- 20 सदस्यों द्वारा विहित प्रारूप में निर्धारित अंशपूंजी एवं प्रवेश शुल्क जमा करके कार्य उपसहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें में आवेदन करने पर पंजीयन किया जाता है।

  • 1.सर्वप्रथम कम से कम बीस सदस्य जो विभिन्न परिवारों के हो के संयुक्त रूप से निर्धारित आवेदन पत्र भरकर सहायक पंजीयक के कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करना चाहिये ।
  • 2.सहायक पंजीयक कार्यालय द्वारा एक संगठक की नियुकित की जायेगी जो कि संस्था के पंजीयन हेतु समस्त विधिक एवं प्रशासनिक कार्यवाहियों के संबंध में आवेदनकर्ता को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान करता है।
  • 3. संस्था के प्रस्तावित सदस्य मिलकर एक बैठक का आयोजन कर अपनी संस्था के कार्य संचालन हेतु उपविधि को अंगीकृत करते हैं।
  • 4.संस्था की उपविधि निर्माण हेतु सहायक पंजीयक कार्यालय जिला सहकारी संघ से आदर्श उपविधि की प्रति प्राप्त की जा सकती है।
  • 5.संगठक प्रस्तावित संस्था के पंजीयन हेतु कार्ययोजना अपनी अनुशंसा सहित सहायक पंजीयक कार्यालय में प्रस्तुत करता है। जहां परीक्षण उपरांत संस्था का पंजीयन कर प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।

प्रारूप मध्यप्रदेश सहकारी सोसायटी नियम, 1962

प्रारूप एक

नियम 4 का उपनियम (1) देखिए

संस्था के पंजीयन के लिये आवेदन - पत्र

 

(दो प्रतियों में प्रस्तुत करने के लिए)

  • 1.प्रस्तावित संस्था का नाम .....................................................................................................................................
  • 2.पता (ग्राम, डाकखाना, ब्लाक, तहसील तथा जिला) ....................................................................................................................................
  • 3.दायित्व का प्रकार ....................................................................................................................................
  • 4.कार्यक्षेत्र ....................................................................................................................................
  • 5.उददेश्य ....................................................................................................................................
  • 6.अंशपूूंजी ....................................................................................................................................
  • 7.व्यकितयों की संख्या जिन्होंने सदस्य रूप में शामिल होना स्वीकार किया है ...................................................................................................................................
  • 8.आवेदन -पत्र पर प्रथम हस्ताक्षरकर्ता का पूरा नाम व पता ...................................................................................................................................
  • प्रार्थियों ने निम्नलिखित व्यकितयों को अस्थायी कमेटी के लिये निर्वाचित किया है कि संस्था के पंजीयन के दिनांक से तीन महीनों तक अथवा आगे के ऐसे समय तक जैसा कि पंजीयक लिखित में स्वीकृत करें संस्था के कारोबार का संचालन करेगी :-
  • 1.
  • 2.
  • 3.
  • 4.
  • 5.
  • 6.
  • 7.

मध्यप्रदेश सहकारी संस्थाऐं अधिनियम , 1960 (17 सन 1961) की धारा 7 के अधीन हम, नीचे हस्ताक्षर करने वाले व्यकित, जो कि सदस्यता के निर्वाचन के लिये, उपविधियों, जिनकी चार प्रतियां संलग्न हैं के अनुरूप प्रस्तावित योग्यताऐं रखते हैं, निवेदन करते हैं कि संस्था का पंजीयन किया जाये।

हम घोषित करते हैं कि हम उपयर्ुक्त धारा 2 के खण्ड (झ) में परिभाषित के अनुसार कम से कम बीस विभिन्न परिवारों के हैं नहीं है।

अनु क्र. नाम पिता का नाम उम्र धंधा निवास स्थान खरीदे गये हिस्सों की संख्या अभिदत्त हिस्सों का मूल्य चुकाये गए हिस्सों का मूल्य हस्ताक्षर या निशानी अंगूठा निशानी अंगूठा, यहि हो, का साक्षांकन
1 2 3 4 5 6 7 8 9 10 11
                     

जो लागू न हो उसे काट दीजिये ।

प्रश्न :- सहकारी संस्था का पंजीयन करने हेतु किससे सम्पर्क करना होता है ?

उत्तर :- जिले में पदस्थ उप सहायक पंजीयक, सहकारी संस्थायें से सम्पर्क करना होता है।

प्रश्न :- उपविधियों मे संशोधन किस प्रकार से होता है

उत्तर :- संस्था की साधारण सभा में उपविधि संशोधन संबंधी प्रस्ताव पारित कर प्रारूप ख,ग एवं घ में आवेदन पत्र जिले में पदस्थ उप सहायक पंजीयक सहकारी समितियों के समक्ष प्रस्तुत किये जावें। उपविधि संशोधन संबंधित संशोधन नियमानुसार एवं सहकारी अधिनियम एवं नियम के प्रावधानों के अंतर्गत होने पर उक्त संशोधन पंजीकृत किया जाता है।

प्रश्न :- प्राथमिक कृषि साख समिति की ऋण वितरण की प्रक्रिया क्या है ?

उत्तर :- ग्रामीण साख सहकारी संस्थायें, शहरी साख सहकारी संस्थायें, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों एवं नागरिक सहकारी बैंकों तथा जिला सहकारी कृषि विकास बैंकों द्वारा विविध प्रायोजनों हेतु अपने सदस्यों द्वारा ऋण आवेदन विहित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों के साथ उन्हें प्रस्तुत करने पर ऋण वितरण किया जाता है।

प्रश्न :- खाद बीज कहां से प्राप्त किया जाता है ?

उत्तर :- ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत कृषि साख सहकारी संस्था की सदस्यता प्राप्त कर खाद बीज प्राप्त किया जाता है।

प्रश्न :- सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंर्तत संचालित शासकीय उचित मूल्य की दुकानों की शिकायत कहां करनी होती है ?

उत्तर :- प्रश्नांश से संबंधित शिकायते जिले में पदस्थ उप सहायक पंजीयक सहकारी संस्थायें, या खाध अधिकारी अथवा कलेक्टर को की जानी चाहिये।